पञ्चांग

पञ्चांग

दिसम्बर 2022 का पञ्चांग – 

 तिथिवारनक्षत्रयोग    करण
1मार्गशीर्ष शुक्ल अष्टमी 07:21बृहस्पतिवारपूर्वाभाद्रपद 29:43+हर्षण 09:33बव 07:21
मार्गशीर्ष शुक्ल नवमी 30:15+बालव 18:44
कौलव 30:15+
2मार्गशीर्ष शुक्ल दशमी 29:39+शुक्रवारउत्तराभाद्रपद 29:45+वज्र 07:29तैतिल 17:53
सिद्धि 29:50+गर 29:39+
3मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी 29:34+शनिवाररेवती 30:16+व्यतिपात 28:34+वणिज 17:33
विष्टि 29:34+
4मार्गशीर्ष शुक्ल द्वादशी 29:58+रविवारअश्विनीवरीयान 27:40+बव 17:42
बालव 29:58+
5मार्गशीर्ष शुक्ल त्रयोदशी 30:47+सोमवारअश्विनी 07:15परिध 27:07+कौलव 18:19
तैतिल 30:47+
6मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्दशी मंगलवारभरणी 08:38शिव 26:52+गर 19:21
वणिज
7मार्गशीर्ष शुक्ल चतुर्दशी 08:01बुधवारकृतिका 10:25सिद्ध 26:54+वणिज 08:01
विष्टि 20:47
8मार्गशीर्ष शुक्ल पूर्णिमा 09:37बृहस्पतिवाररोहिणी 12:32साध्य 27:11+बव 09:37
बालव 22:33
9पौष कृष्ण प्रतिपदा 11:34शुक्रवारमृगशिरा 14:59शुभ 27:42+कौलव 11:34
तैतिल 24:39+
10पौष कृष्ण द्वितीया 13:48शनिवारआर्द्रा 17:42शुक्ल 28:25+गर 13:48
वणिज 27:00+
11पौष कृष्ण तृतीया 16:14रविवारपुनर्वसु 20:36ब्रह्म 29:14+विष्टि 16:14
बव 29:31+
12पौष कृष्ण चतुर्थी 18:49सोमवारपुष्य 23:36ऐन्द्र 30:06+बालव 18:49
कौलव
13पौष कृष्ण पञ्चमी 21:21मंगलवारअश्लेषा 26:32+वैधृति 30:54+कौलव 08:06
तैतिल 21:21
14पौष कृष्ण षष्ठी 23:42बुधवारमघा 29:16+विष्कुम्भ गर 10:34
वणिज 23:42
15पौष कृष्ण सप्तमी 25:39+बृहस्पतिवारपूर्वाफाल्गुनी विष्कुम्भ 07:30विष्टि 12:44
बव 25:39+
16पौष कृष्ण अष्टमी 27:02+शुक्रवारपूर्वाफाल्गुनी 07:34प्रीति 07:45बालव 14:25
कौलव 27:02+
17पौष कृष्ण नवमी 27:41+शनिवारउत्तराफाल्गुनी 09:18आयुष्मान 07:33तैतिल 15:27
सौभाग्य 30:47+गर 27:41+
18पौष कृष्ण दशमी 27:32+रविवारहस्त 10:18शोभन 29:23+वणिज 15:43
विष्टि 27:32+
19पौष कृष्ण एकादशी 26:32+सोमवारचित्रा 10:30अतिगण्ड 27:20+बव 15:08
बालव 26:32+
20पौष कृष्ण द्वादशी 24:45+मंगलवारस्वाति 09:54सुकर्मा 24:40+कौलव 13:44
तैतिल 24:45+
21पौष कृष्ण त्रयोदशी 22:16बुधवारविशाखा 08:33धृति 21:25गर 11:35
अनुराधा 30:33+वणिज 22:16
22पौष कृष्ण चतुर्दशी 19:13बृहस्पतिवारज्येष्ठा 28:02+शूल 17:43विष्टि 08:48
शकुनि 19:13
चतुष्पद 29:32+
23पौष कृष्ण अमावस्या 15:46शुक्रवारमूल 25:13+गण्ड 13:41नाग 15:46
किंस्तुघ्न 25:57+
24पौष शुक्ल प्रतिपदा 12:06शनिवारपूर्वाषाढ़ा 22:15वृद्धि 09:26बव 12:06
ध्रुव 29:09+बालव 22:15
25पौष शुक्ल द्वितीया 08:24रविवारउत्तराषाढ़ा 19:21व्याघात 24:58+कौलव 08:24
पौष शुक्ल तृतीया 28:51+तैतिल 18:36
गर 28:51+
26पौष शुक्ल चतुर्थी 25:37+सोमवारश्रवण 16:41हर्षण 21:02वणिज 15:11
विष्टि 25:37+
27पौष शुक्ल पञ्चमी 22:53मंगलवारधनिष्ठा 14:27वज्र 17:27बव 12:11
बालव 22:53
28पौष शुक्ल षष्ठी 20:44बुधवारशतभिषा 12:45सिद्धि 14:20कौलव 09:43
तैतिल 20:44
29पौष शुक्ल सप्तमी 19:17बृहस्पतिवारपूर्वाभाद्रपद 11:44व्यतिपात 11:45गर 07:55
वणिज 19:17
विष्टि 30:50+
30पौष शुक्ल अष्टमी 18:34शुक्रवारउत्तराभाद्रपद 11:24वरीयान 09:45बव 18:34
बालव 30:28+
31पौष शुक्ल नवमी 18:33शनिवाररेवती 11:47परिध 08:19कौलव 18:33
तैतिल 30:48+

पञ्चांग के आवश्यक तथ्य –

  • उपरोक्त पञ्चांग में तिथि,नक्षत्र,योग और करण के समाप्ति का समय दिया गया है |
  • उपरोक्त पञ्चांग उज्जैन (म.प्र.) के अनुसार दिया गया है |
  • उपरोक्त पञ्चांग में जो समय दिया गया है वो 24 घंटे के अनुसार दिया गया है |
Share on facebook
Share on whatsapp
Share on twitter
Share on linkedin
Share on telegram
Share on print

कौन सा रुद्राक्ष धारण करें अपने नक्षत्र के अनुसार

गणपति अथर्वशीर्ष से लाभ व पाठ विधि

बृहस्पति के मीन राशि में गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर

यदि आप अपनी कुण्डली के अनुसार अपना भविष्य जानना चाहते है या किसी विशेष प्रश्न का ज्योतिषीय हल चाहते है तो एस्ट्रोरुद्राक्ष के ज्योतिषी से अभी परामर्श लें