बृहस्पति गोचर मीन राशि में (Guru Gochar 2022 – Significant influence on all 12 signs )

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Guru Gochar 2022

ज्योतिष में बृहस्पति को मान-सम्मान, यश, प्रतिष्ठा, भाग्य, धर्म, गुरु, शिक्षा,वेद शास्त्र, ग्रहणशक्ति, विवेक एवं भक्ति का कारक माना जाता है, सभी नवग्रहों में बृहस्पति को बहुत ही प्रभावशाली माना गया है इसका गोचर अत्यंत ही शुभ होता है, बृहस्पति 1 राशि में लगभग 12 से 13 महीने तक रहता है, बृहस्पति अपनी स्वराशि मीन में 13 अप्रैल 2022 को प्रवेश करेंगे |

मीन जल तत्त्व, दिवाबली, उत्तर दिशा, सात्विकता, एवं द्विस्वभाव की राशि है; बृहस्पति की तीन दृष्टियाँ होती है जिनमें सप्तम के साथ साथ पंचम और नवम दृष्टि भी बहुत ही प्रभावशाली एवं शुभ होती है, प्रत्येक राशि में गुरु के गोचर (Guru Gochar 2022) का प्रभाव निम्नवत है –

गुरु गोचर (Guru Gochar) मेष राशि के लिये –

बृहस्पति का गोचर (Guru Gochar) आपके द्वादश भाव में होगा जहाँ से उसकी दृष्टि चतुर्थ, षष्ठम एवं अष्टम भाव पर पड़ेगी, यह गोचर आपके लिए मिश्रित प्रभाव लेकर आने वाला है, यदि कोई महत्वपूर्ण कार्य न हो तो यात्राओं से बचें कष्ट हो सकता है, आपके खर्चो में अनायास ही वृद्धि हो सकती है, अपने हित मित्रों के साथ किसी भी प्रकार के विवाद से बचें, यदि किसी को उधार पैसा दिया हो तो वह पैसा आपको वापस मिल सकता है, 

नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर होने वाले प्रतिस्पर्धा में विजय मिलेगी एवं किसी वरिष्ठ कर्मचारी के मार्गदर्शन से लाभ मिल सकता है, व्यापारी लोगों को व्यापारिक गतिविधियों में अनावश्यक विलम्ब का सामना करना पड़ सकता है,अपने व्यवसाय के सम्बन्ध में आपको हरतरफ सतर्कता रखनी होगी थोड़ी सी लापरवाही भी बहुत बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है, यदि आप अपने व्यापार को विदेशों से सम्बन्धित करना चाहते है तो यह समय बहुत ही अनुकूल साबित हो सकता है, 

आपको लीवर या कफ से सम्बंधित रोगों से कष्ट मिल सकता है, विद्यार्थियों के लिए यह गोचर ठीक रहेगा थोड़े ही परिश्रम से अच्छी सफलता मिल सकती है, प्रतियोगी परीक्षाओ में भाग लेने वाले प्रतियोगियों को शुभ समाचार मिल सकता है |   

गुरु गोचर (Guru Gochar) वृष राशि के लिये –   

बृहस्पति का गोचर (Guru Gochar) आपके एकादश भाव में होगा जहाँ से उसकी दृष्टि तृतीय, पञ्चम व सप्तम भाव पर पड़ेगी, गुरु का यह गोचर आपके लिए बहुत लाभकारी होगा, परिवार में शुभ कार्य होंगें, आपके आय में वृद्धि होगी, समाज में आपकी मान प्रतिष्ठा बढेगी, नौकरी में मनोवांछित उन्नति मिलने की सम्भावना बहुत अधिक है, व्यापारीगणों को थोड़ा अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता होगी साथ ही व्यापार से कोई अकस्मात लाभ हो सकता है, 

सहोदरों से सहयोग मिलेगा एवं आपसी प्रेम भाव में वृद्धि होगी, विद्यार्थियों के लिए यह समय बहुत ही अनुकूल है बृहस्पति की पञ्चम दृष्टि विद्या भाव पर होने के कारण कठिन विषय आसानी से समझ आ जायेगा एवं परीक्षाओं में मनोवांछित परिणाम मिलेगा, इस समय आपका स्वास्थ्य अच्छी अवस्था में होगा छोटे-मोटे रोगों के अलावा कोई विशेष समस्या आपको नहीं होगा, यदि पहले से किसी रोग से कष्ट मिल रहा है तो उसमे आराम मिलेगा,

यदि आप विवाहित है तो वैवाहिक जीवन सुखमय रहेगा एवं दम्पत्तियों में सामंजस्य अच्छा रहेगा, विवाह योग्य वर एवं कन्याओं का विवाह होने की सम्भावना बहुत अधिक रहेगी, कई बार छोटी छोटी यात्रायें करनी पड़ सकती है, कोई ऐसा महत्वपूर्ण कार्य जो बहुत समय से अनावश्यक रूप से रुका हुआ हो वह आसानी से पूर्ण हो सकता हैं |   

 

गुरु गोचर (Guru Gochar) मिथुन राशि के लिये –

बृहस्पति का गोचर (Guru Gochar) आपके दशम भाव में होगा जहाँ से उसकी दृष्टि द्वितीय, चतुर्थ व षष्टम भाव पर पड़ेगी, इस समय आपको थोड़ा सावधानीपूर्वक रहना होगा अकस्मात हानि होने की सम्भावना है, आपको अपनी वाणी को विराम देते हुए सयंमित भाषा का प्रयोग करना होगा अन्यथा आपका अन्य लोगों से अनावश्यक विवाद हो सकता है, 

यदि आपने कोई ऋण ले रखा है तो उसकी अदायगी में किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें, सट्टेबाजी से थोड़ा दुरी बनाये रखना ही ठीक होगा अन्यथा हानि हो सकती है, आय के कई स्रोत होने पर किसी भी एक स्रोत में अकस्मात कमी हो सकती है, नौकरीपेशा लोगों की नौकरी सामान्य रूप से चलती रहेगी, आपका स्थानान्तरण हो सकता है एवं कार्यस्थल पर सभी से मधुर व्यवहार रखना अच्छा रहेगा,व्यापारीगणों को अपने व्यापार विस्तार का अवसर मिल सकता है एवं व्यापार में लाभ बढ़ने की सम्भावना है, 

वात रोगों, स्नायु या पैरों से सम्बंधित रोगों से कष्ट  मिल सकता है, विद्यार्थियों को पूर्ण एकाग्रता के साथ अध्ययन करना होगा क्योंकि थोड़ा वैचारिक भटकाव हो सकता है इस पर नियंत्रण आवश्यक है परीक्षाओं का परिणाम थोड़ा सा विपरीत हो सकता है, यदि न्यायालय में कोई वाद चल रहा हो तो उस वाद से सम्बन्धित कोई अनुकूल समाचार मिल सकता है | 

              

गुरु गोचर (Guru Gochar) कर्क राशि के लिये –

बृहस्पति का गोचर (Guru Gochar) आपके नवम भाव में होगा जहाँ से उसकी दृष्टि लग्न, तृतीय एवं पञ्चम भाव पर पड़ेगी, बृहस्पति का यह गोचर आपको शुभ प्रभाव देगा, आपके कीर्ति में वृद्धि हो सकती है, भाई या बहन विवाह योग्य हो तो उनकी सगाई या विवाह हो सकता है, यदि आपके सन्तान है तो उसके तरफ से कोई शुभ समाचार मिल सकता है, धार्मिक क्रियाकलापों में रूचि बढ़ सकती है एवं यदि आप आध्यात्मिक है तो यह गोचर आपको मनोवांछित आध्यात्मिक उन्नति दे सकता है, 

धार्मिक संस्थानों से सम्बंधित व्यक्तियों को कोई पदभार या जिम्मेदारी मिल सकती है, सभी कार्यों में सफलता मिलने लगेगा, विद्यार्थियों के लिए यह समय अनुकूल सिद्ध होगा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों की सरकारी नौकरी लग सकती है, यदि किसी विद्यार्थी की शिक्षा अधूरी हो तो वह पूर्ण हो सकती है, नौकरी करने वालों को अपने उच्चाधिकारियों से विशेष स्नेह व मार्गदर्शन मिल सकता है, 

शिक्षा के क्षेत्र से सम्बंधित लोगों को उन्नति मिल सकती है, व्यापारीगणों को किसी भी प्रकार के विवाद से बचना होगा एवं आपके व्यवसायोन्नति होने की प्रबल सम्भावना है, आपके स्वास्थ्य में सुधार होगा एवं पहले से कोई रोग है तो उस रोग का शमन होगा |

गुरु गोचर (Guru Gochar) सिंह राशि के लिये –

बृहस्पति का गोचर (Guru Gochar) आपके अष्टम भाव में होगा जहाँ से उसकी दृष्टि द्वादश, द्वितीय एवं चतुर्थ भाव पर पड़ेगी, यह समय आपके लिए बहुत ही व्यस्तता पूर्ण रह सकता है, पहले से किये गए निवेश से लाभ मिल सकता है, आपको अपने मानसम्मान का विशेष ध्यान रखना होगा कोई भी ऐसा कृत्य न करें जिससे आपकी छवि धूमिल हो, यदि आप कोई गैरकानूनी कार्य करते है तो आपको कानूनी दण्ड का सामना करना पड सकता है, 

अनावश्यक कार्यो में धन खर्च हो सकता है, कोई भी वाहन चलाने में सावधानी रखनी होगी दुर्घटना का योग है, लम्बी दुरी की यात्रायें कष्टकारी हो सकती है, नौकरी करने वालों को अपने कार्यस्थल पर सभी से सामंजस्य बनाकर चलना लाभदायक होगा एवं उनके द्वारा किये गए परिश्रम का समुचित प्रतिफल मिलेगा, व्यापार में लापरवाही या उपेक्षा से हानि का योग है साथ ही साथ आपके अपने कर्मचारियों से अनावश्यक विवाद हो सकता है, 

विद्यार्थियों को थोड़ी कठिन परिश्रम की आवश्यकता होगी एवं शिक्षा से मन उचट सकता है, इस समय आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा खासकर सर्दी जुकाम व संक्रमण से होने वाले रोगों से कष्ट मिल सकता है |

 

गुरु गोचर (Guru Gochar) कन्या राशि के लिये –

बृहस्पति का गोचर (Guru Gochar) आपके सप्तम भाव में होगा जहाँ से उसकी दृष्टि एकादश, लग्न एवं तृतीय भाव पर पड़ेगी, यह गोचर आपके लिए अत्यंत ही शुभ प्रभाव देने वाला है, इस दौरान आपका समय शान्तिमय रूप से व्यतीत होगा, सर्वत्र मान सम्मान मिलेगा, यश प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, प्रभावशाली लोगों से मेल मिलाप से लाभ होगा, धार्मिक यात्राएं हो सकती है, 

आय में वृद्धि होने से आर्थिक उन्नति हो सकती है, अविवाहित लोगों का विवाह हो सकता है, पारिवारिक सुख समृद्धि में बढ़ोत्तरी हो सकती है, भाई बहनों एवं मित्रों से आपको सहयोग मिलेगा, व्यापारीगणों को उनके परिश्रम का प्रतिफल अवश्य ही मिलेगा, आपको व्यापार विस्तार के कई अवसर मिलेंगे और अपने कर्मचारियों का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा, यदि कोई पहले से व्यवसायिक विवाद चल रहा हो तो उसका समुचित हल मिल सकता है, 

नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति मिल सकती है और उनके वेतन में समुचित वृद्धि हो सकती है, विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि होगी एवं उनको मनोकुल परीक्षा परिणाम मिलेगा, आपके स्वास्थ्य में कोई विशेष परेशानी नहीं होगी लेकिन खानपान का विशेष ध्यान रखना होगा अन्यथा पेट के रोगों से कष्ट मिल सकता है |

 

गुरु गोचर (Guru Gochar) तुला राशि के लिये –  

बृहस्पति का गोचर (Guru Gochar) आपके षष्ठम भाव में होगा जहाँ से उसकी दृष्टि दशम भाव, द्वादश भाव एवं द्वितीय भाव पर पड़ेगी, यह गोचर आपके लिए मिश्रित फल देने वाला है, गलतफहमी होने के कारण सगे सम्बन्धियों से वैमनस्यता हो सकती है, पारिवारिक जीवन में विवाद हो सकता है, मामा या मौसी से कोई लाभ या सहयोग मिल सकता है, आपके आलस्य में बढ़ोत्तरी हो सकती है, आर्थिक पक्ष थोड़ा कमजोर हो सकता है, किसी भी प्रकार के निवेश में अतिरिक्त सावधानी रखें, 

नौकरीपेशा लोगों को हठधर्मिता का त्याग कर अपने विवेक का इस्तेमाल करना होगा और उन्हें नौकरी में उनके द्वारा किये गए कार्यों के कारण प्रशंसा मिलेगी, व्यापारीगणों को कर्ज में बढ़ोत्तरी होने के कारण पूंजी की कमी का सामना करना पड़ सकता है और यदि आपका व्यापार साझेदारी में है तो धन के लेनदेन को लेकर साझेदार से विवाद हो सकता है, 

आपका स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और दांतों और मुहँ से सम्बंधित रोगों से कष्ट मिल सकता है, विद्यार्थियों कों व्यर्थ की बातों को छोड़कर अपने अध्ययन में ही ध्यान देना होगा एवं उच्च मनोबल रखते हुए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करनी होगी तभी सफलता मिलेगी |

 

गुरु गोचर (Guru Gochar) वृश्चिक राशि के लिये –  

बृहस्पति का गोचर (Guru Gochar) आपके पञ्चम भाव में होगा जहाँ से उसकी दृष्टि नवम, एकादश एवं लग्न पर पड़ेगी, यह गोचर आपको शुभ फल देगा, हर एक कार्य में सफलता मिलेगी, आपके आय में वृद्धि होगी, मित्रों से सहयोग मिलेगा, धार्मिक गतिविधियों में रुझान बढेगा, सर्वत्र कीर्ति का विस्तार होगा, घर परिवार में मांगलिक कार्य हो सकता है, कोई महत्वपूर्ण स्थिर लाभ हो सकता है, आपको अपने पिता की सलाह को मानना आपके लिए हितकर होगा, 

आपकी आर्थिक स्थिति पहले से और अच्छी हो जायेगी, यदि आपने पहले से कोई निवेश किया है तो उसमे लाभ मिलेगा, नौकरीपेशा लोगों का अपने सहयोगियों से मधुर सम्बन्ध बना रहेगा और पदोन्नति की सम्भावना रहेगी, व्यापारीगणों को उधार देने में सावधानी रखनी होगी और यदि आपका व्यापार साझेदारी का है तो आपको लेनदेन का समुचित हिसाब रखना होगा अन्यथा आर्थिक पक्ष को लेकर विवाद हो सकता है, 

आपका स्वास्थ्य इस समय अच्छा रहेगा और साईटिका या स्नायु रोगों से थोड़ा कष्ट मिल सकता है, विद्यार्थियों के लिए यह समय अत्यंत अनुकूल होगा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले प्रतियोगियों को उनके परिश्रम का प्रतिफल थोड़ा विलम्ब से मिलेगा परन्तु वह परिणाम आपके अनुकूल रहेगा |

गुरु गोचर (Guru Gochar) धनु राशि के लिए –

बृहस्पति का गोचर (Guru Gochar) आपके चतुर्थ भाव में होगा जहाँ से उसकी दृष्टि अष्टम, दशम एवं द्वादश भाव पर पड़ेगी, यह गोचर आपको मिश्रित फल देने वाला है, परिवारजनों से सम्बन्धित समस्याओं के कारण थोड़ी अशान्ति हो सकती है, खर्चे में बढ़ोत्तरी हो सकती है, धन के निवेश से सम्बन्धित मामलों में सावधानी रखें हानि की सम्भावना है, भूमि भवन के क्रय विक्रय से सम्बन्धित मामलों में भी सावधानी रखनी होगी, 

यदि पहले से कोई आपके ऊपर ऋण है तो उसकी अदायगी हो सकती है, वाहन चलाने में सावधानी रखें दुर्घटना होने की सम्भावना है, व्यापारीगणों को अपने व्यापार का विस्तार करने का बहुत ही अनुकूल समय है और व्यापार से सर्वत्र लाभ होने की संभावना है, कोई भी नया व्यापार करने का समुचित समय है, नौकरीपेशा लोगों को उनके अच्छे कार्यों के कारण सराहना मिलेगी एवं मान सम्मान प्राप्त होगा, 

कार्य विशेष से जन्म स्थान से दूर जाने की सम्भावना रहेगी, आपको अपने स्वास्थ्य का थोड़ा ध्यान रखना होगा और साथ ही यदि आपको सरदर्द, ज्वर या त्वचा से सम्बंधित कोई रोग हो तो उसका समुचित उपचार करना होगा, विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा में सफलता मिलेगी एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को सफलता मिल सकती है | 

 

गुरु गोचर (Guru Gochar) मकर राशि के लिए –

बृहस्पति का गोचर (Guru Gochar) आपके तृतीय भाव में होगा जहाँ से उसकी दृष्टि सप्तम, नवम एवं एकादश भाव पर पड़ेगी; यह गोचर आपके लिए बहुत अधिक महत्वपूर्ण साबित होने वाला है, भाई बहनों से मन मुटाव हो सकता है, रोजगार में अनायास ही विवाद हो सकते है, अनावश्यक रूप से खर्चो में बढोत्तरी हो सकती है, 

विवाहित लोगों को अपने जीवन साथी की सलाह को नजरअंदाज करना हानिकारक हो सकता है अत: उनके सलाह पर विचार अवश्य करें, अनजान लोगों पर अधिक भरोसा न करें धोखा मिल सकता है, व्यापारीगणों के लिए यह गोचर उतार चढ़ाव लाने वाला होगा एवं व्यापार में यदि कोई परिवर्तन करना हो तो सावधानी रखनी होगी, नौकरीपेशा लोगों को अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा एवं नौकरी में मनोवांछित स्थान पर स्थानान्तरण हो सकता है, 

आपका स्वास्थ्य थोडा शिथिल रह सकता है एवं मधुमेह या एलर्जी से कष्ट मिल सकता है, विद्यार्थियों के लिए यह गोचर सामान्य रहेगा शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तन हानिकारक साबित हो सकता है एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को सफलता प्राप्त करने के लिये थोड़ा इंतज़ार करना पड़ सकता है |

 

गुरु गोचर (Guru Gochar) कुम्भ राशि के लिए –

बृहस्पति का गोचर (Guru Gochar) आपके द्वितीय भाव में होगा जहाँ से उसकी दृष्टि षष्ठम, अष्टम एवं दशम भाव पर पड़ेगी, यह गोचर आपके लिए शुभ समाचार ले के आने वाला है, आपको पैतृक संपत्ति का लाभ मिल सकता है, आपके धन लाभ में वृद्धि हो सकती है, कुटुम्ब में सुख समृद्धि की बढ़ोत्तरी होगी, चल संम्पत्ति में वृद्धि होगी, 

यात्राओं के दौरान थोड़ा सावधानी रखना आवश्यक होगा, व्यापारीगणों को अपने विस्तारवादी योजनाओँ में अनैतिकता से दुरी बनाएं रखें एवं आपके व्यापार की ख्याति में वृद्धि होगी, नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में अच्छा माहौल मिलेगा एवं उच्च अधिकारीयों से पूर्ण सहयोग मिलेगा, इस समय आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, माइग्रेन एवं किड़नी से सम्बंधित रोगों पर ध्यान देना होगा उसका समुचित उपचार करें, 

आपके बनते हुए कार्यों में  लापरवाहीवश उनमे रुकावट आने की सम्भावना रहेगी अत: लापरवाही त्याग कर जीवन में अनुशासन का पालन करें, विद्यार्थियों के लिए यह समय थोड़ा निराशाजनक हो सकता है अत: अपने आपको अध्ययन के लिए स्वत: प्रेरित करते रहना होगा, प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को थोड़ा अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता होगी |

 

गुरु गोचर (Guru Gochar) मीन राशि के लिए –

बृहस्पति का गोचर (Guru Gochar) आपके लग्न में होगा जहाँ से उसकी दृष्टि पञ्चम, सप्तम एवं नवम भाव पर पड़ेगी, यह गोचर आपके लिए अत्यंत ही शुभ होगा, सर्वत्र मान सम्मान मिलेगा व प्रतिष्ठा बढ़ेगी, पारिवारिक सदस्यों व मित्रों से मधुर सम्बन्ध रहेगा, खर्चो की अधिकता रहेगी जिस कारण आर्थिक स्थितियाँ डावांडोल हो सकती है, विवाहित लोगों का वैवाहिक जीवन मधुर रहेगा, 

वर्तमान गोचर आपके लिए उपलब्धियों वाला हो सकता है यदि आप अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल करते है तो, नौकरीपेशा लोगों को अपनी नौकरी में किये गये अच्छे कार्यों से पहचान मिलेगी एवं किसी गलतफहमी के कारण वरिष्ठजनों से अनबन हो सकती है अत: व्यवहार मधुर रखें, व्यापारीगणों को अपने व्यापार के लिए कई नयी योजनायें मिल सकती है यदि सावधानीपूर्वक इनको लागू करेंगे तो इसका भविष्य में बहुत लाभ मिलेगा, 

विद्यार्थियों के लिए यह समय अच्छा रहेगा अध्ययन की ओर स्वत: ही रूचि जागृत होगी, प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को समुचित योजना बना कर अध्ययन करने से सरकारी नौकरी मिलने की सम्भावना बढ़ जायेगी, आपको अपने परिवार के अन्य लोगों के अलावा अपने स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना होगा, मोटापा या जोड़ो से सम्बन्धित रोग का समय से उपचार करना हितकर होगा |

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