मिथुन राशिफल mithun rashifal 2022

mithun rashifal

मिथुन राशिफल Mithun Rashifal 2022

मिथुन राशिफल (mithun rashifal) के लिये गोचरीय स्थिति :

मिथुन राशिफल (mithun rashifal) 2022 के लिये शनि की स्थिति

  • शनि का गोचर अपने स्व राशि मकर अर्थात अष्ठम भाव में वर्ष के प्रारम्भ से रहेगा,
  • शनि 29 अप्रैल 2022 को अपनी मूल त्रिकोण राशि कुम्भ अर्थात नवम भाव में प्रवेश करेगा,
  • शनि 5 जून 2022 से वक्री हो जायेगा,
  • शनि 12 जुलाई 2022 को वक्री अवस्था में ही अपनी पूर्व राशि मकर में प्रवेश करेगा,
  • शनि 23 अक्टूबर 2022 से मार्गी हो जायेगा,

शनि का नक्षत्र भ्रमण

  • श्रवण नक्षत्र में वर्ष के प्रारम्भ से
  • धनिष्ठा नक्षत्र में 18 फरवरी 2022 से

मिथुन राशिफल(mithun rashifal) 2022 के लिये बृहस्पति की स्थिति

  • बृहस्पति का गोचर कुम्भ राशि अर्थात नवम भाव में वर्ष के प्रारम्भ से रहेगा,
  • बृहस्पति 13 अप्रैल 2022 को अपनी स्वराशि मीन अर्थात दशम भाव में प्रवेश करेगा,
  • बृहस्पति 29 जुलाई 2022 से वक्री हो जायेगा,
  • बृहस्पति 24 नवंबर 2022 से मार्गी हो जायेगा,

बृहस्पति का नक्षत्र भ्रमण

  • शतभिषा नक्षत्र में 2 जनवरी 2022 से
  • पूर्व भाद्रपद नक्षत्र में 2 मार्च 2022 से
  • उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में 28 अप्रैल 2022 से

मिथुन राशिफल (mithun rashifal) 2022 के लिये राहु की स्थिति

  • राहु का गोचर वृष राशि अर्थात द्वादश भाव में वर्ष के प्रारम्भ से रहेगा,
  • राहु 12 अप्रैल 2022 को मेष राशि अर्थात एकादश में प्रवेश करेगा,

राहु का नक्षत्र भ्रमण

  • भरणी नक्षत्र में 14 जून 2022 से

मिथुन राशिफल (mithun rashifal) 2022 के लिये केतु की स्थिति

  • केतु का गोचर वृश्चिक राशि अर्थात षष्ठम भाव में वर्ष के प्रारम्भ से रहेगा,
  • केतु 12 अप्रैल 2022 को तुला राशि अर्थात पञ्चम भाव में प्रवेश करेगा,

केतु  का नक्षत्र भ्रमण

  • विशाखा नक्षत्र में 8 फरवरी 2022 से
  • स्वाति नक्षत्र में 18 अक्टूबर 2022 से

मिथुन राशिफल (mithun rashifal) :

मिथुन राशिफल में ग्रहों की स्थितियों के अनुसार यह वर्ष आपके लिये मध्यम रहेगा, शनि के अष्टम भाव में गोचर के कारण यह वर्ष थोड़ा संघर्षमय रहेगा लेकिन बृहस्पति के शुभ प्रभाव के कारण आपकी समस्याओं का निवारण होता रहेगा, 13 अप्रैल के पश्चात स्वराशिस्थ बृहस्पति दशम भाव में गोचर करेगा जहां से बृहस्पति की दृष्टि द्वितीय; चतुर्थ व षष्टम भाव पर होगी, 

बृहस्पति के द्वितीय भाव पर दृष्टि के प्रभाव से आपको विविध प्रकार के मधुर व्यंजनों का सुख मिलेगा और यदि कोई पैतृक संपत्ति का विवाद चल रहा हो तो उसके न्यायपूर्ण हल मिलने की सम्भावना रहेगी, बृहस्पति के चतुर्थ भाव पर दृष्टि के प्रभाव से आपकी चल अचल संपत्ति में वृद्धि हो सकती है और नये वाहन का सुख मिल सकता हैबृहस्पति के षष्टम भाव पर दृष्टि के प्रभाव से पहले से लिये गये ऋण की अदायगी हो सकती है एवं आपको अपने आसपास हितैषियों के रूप में बहरूपिये शत्रुओं की पहचान होगी, 

इस वर्ष शनिदेव वर्ष पर्यन्त 29 अप्रैल से 12 जुलाई के अलावा अपनी स्वराशि मकर में स्थित रहेंगे, जहाँ से शनिदेव की दृष्टि क्रमशः दशम; द्वितीय व पञ्चम भाव पर होगी, शनि के पञ्चम भाव पर प्रभाव के कारण आपके विचारों एवं स्वभाव में गंभीरता रहेगी, इस वर्ष दुर्घटना होने की सम्भावना है अतः आप वाहन सावधानी से चलायें या जोखिम भरा कार्य कर रहें हो तो उसमें पूरी सावधानी रखें, 

वर्ष के उत्तरार्द्ध में यदि आप अपने मन और विचारों में धार्मिकता का समावेश करते हैं तो स्थितियां काफी हद तक आपके अनुकूल रहेगी एवं आपको मानसिक शान्ति का अनुभव होगा, आपको समाज के मान प्रतिष्ठित व्यक्तियों के संपर्क से लाभ मिल सकता है, आप अपने आलस्य के कारण कुछ महत्वपूर्ण कार्यों को विलम्बित कर सकते हैं जिस कारण आपका आगे का समय अस्त-व्यस्त हो जायेगा, 

किसी मध्यस्थ के प्रयासों से पहले से चले आ रहे किसी विवाद का अंत हो सकता है, समाज में आपके अच्छे कार्यों के कारण आपके यश कीर्ति में वृद्धि हो सकती है, इस वर्ष किसी को धन उधार देने से बचें क्योंकि दिये गये धन की वापसी में काफी विलम्ब हो सकता है, इस वर्ष आपको अपने अनावश्यक खर्चो पर नियंत्रण रखना होगा अन्यथा आपकी आर्थिक स्थिति डावांडोल हो सकती है, 

आपको इस वर्ष अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णयों में दोराहे की स्थिति का सामना करना पड़ सकता है जिसमें की आपको दोनों ही रास्ते सही लग सकते है परन्तु सूक्ष्मता से निरीक्षण करने पर सही व उचित रास्ते की पहचान हो जायेगी, वर्ष के अन्त का कुछ समय अपने आपको देना होगा व योग ध्यान के माध्यम से अपने आपको सकारात्मक रूप से प्रबल करना हितकर होगा |

इस वर्ष को अपने अनुकूल करने व सर्वोन्नती के लिये चारमुखी, पांचमुखी व सातमुखी इन तीनों रुद्राक्षों को धारण करें |

मिथुन राशिफल (mithun rashifal) – व्यवसाय :

मिथुन राशिफल के अनुसार यह वर्ष आपके व्यवसाय के लिए उतार-चढ़ाव भरा साबित होगा, कदम-कदम पर आपको व्यावसायिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है परन्तु आप अपने बुद्धिमता से इन सभी का आसानी से सामना कर सकेंगे, आप अपने व्यवसाय से सम्बंधित निर्णयों को सावधानीपूर्वक ले क्योंकि आप जो भी निर्णय इस सम्बन्ध में लेंगे उसका दूरगामी प्रभाव होगा, यदि आपका विवाह हो गया हो और आप कोई नया व्यापार प्रारम्भ करना चाहते है तो अपने पति या पत्नी को अपने साथ सक्रिय साझेदार बनायें जो की आपके लिए बहुत लाभप्रद होगा, 

यदि आप नौकरीपेशा है तो अपने कार्य स्थल पर सभी से मधुर व्यवहार रखें क्योंकि आपकी थोड़ी सी हठधर्मिता से आपका अपने सहकर्मियों से मनमुटाव होने की सम्भावना रहेगी, इस वर्ष आपको अपने द्वारा किये गये परिश्रम का समुचित प्रतिफल मिलेगा, अपने व्यवसाय के उन्नति हेतु आप  शनि अष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्” का पाठ करें |

मिथुन राशिफल (mithun rashifal) – स्वास्थ्य :

मिथुन राशिफल के अनुसार इस वर्ष के पूर्वार्द्ध में राहु-केतु के प्रभाव के कारण मौसमी बीमारियों एवं पाचन तंत्र से सम्बन्धित रोग से आपको कष्ट मिल सकता है, 13 अप्रैल से बृहस्पति का शुभ प्रभाव रोग भाव पर होने से आपका स्वास्थ्य उत्तम रहेगा एवं छोटी मोटी बीमारियाँ स्वतः ही समाप्त हो जायेंगी, पहले से चली आ रही बीमारीयों में आराम मिलेगा, स्नायु एवं यकृत से सम्बंधित रोगों में विशेष सावधानी रखने की आवश्यकता होगी एवं खान पान का ध्यान न रखने से अजीर्ण आदि रोग हो सकता है |

 

मिथुन राशिफल (mithun rashifal) – दाम्पत्य जीवन एवं पारिवारिक जीवन :

मिथुन राशिफल के अनुसार यह वर्ष दम्पत्तियों के मध्य सम्बन्धों की दृष्टि से बहुत ही अच्छा रहेगा, इस वर्ष आप अपने घर परिवार में भौतिक सुख सुविधाओं युक्त समय व्यतीत करेंगे, इस वर्ष परिवार के लोगों से मनोवांछित सहयोग मिलेगा, यदि आप विवाहित हैं तो छोटे-मोटे बातों को दरकिनार कर अपने ससुराल से मधुर सम्बन्ध बना कर रखने से आपके मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी, भाई बहनों से पूर्ण सहयोग मिलेगा, इस वर्ष आपको अपने और पराये की पहचान भी हो जायेगी |

 

मिथुन राशिफल (mithun rashifal) – शिक्षा :

मिथुन राशिफल के अनुसार यह वर्ष विद्यार्थियों के लिए ठीक रहेगा, वर्ष का पूर्वार्द्ध आपको शिक्षा के क्षेत्र में मनोकुल सफलता देगा, प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले विद्यार्थी अपनी पूरी सामर्थ्य के साथ प्रयास करें क्योंकि वर्ष के उत्तरार्द्ध में शनि देव आपको आपके परिश्रम का फल देने वाले है और शनि देव परिश्रम से अत्यंत ही प्रसन्न होते है, 12 अप्रैल के पश्चात राहु के पञ्चम भाव पर पड़ने वाले प्रभाव के कारण पढ़ाई से मन उचाट होने लगेगा एवं व्यर्थ की बातों में ध्यान लगा रहेगा |

यदि पढ़ाई से मन उचाट अधिक रहने लगें तो आप माता सरस्वती की अराधना करें एवं उन्हें नीले रंग के पुष्प अर्पित करें |  

मिथुन राशिफल (mithun rashifal) – उपाय :

मिथुन राशिफल के अनुसार इस वर्ष यदि आप परिस्थितियों को अपने प्रतिकूल महसूस कर रहे हो तो निम्न उपाय करें जिससे आपको काफी राहत मिलेगी –   

  • विघ्नहर्ता भगवान गणेश की आराधना करें |
  • गाय को प्रातः काल रोटी खिलाये |
  • किसी शनिवार के दिन यथाशक्ति काले उड़द के दाल का दान करें |
  • शनि ग्रह की शान्ति का उपाय करें |

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