वृष राशिफल २०२१

वृष राशिफल २०२१

गोचरीय स्थिति :

वर्ष २०२१ में शनि का गोचर अपने स्व राशि मकर अर्थात आपके नवम भाव में पूरे वर्ष रहेगा जहाँ से शनि की दृष्टि एकादश भाव, तृतीय भाव एवं षष्ठम भाव पर होगी |

बृहस्पति का भी गोचर ६ अप्रैल २०२१ तक मकर राशि में शनि के साथ रहेगा, बृहस्पति ६ अप्रैल २०२१ से कुम्भ राशि अर्थात एकादश भाव में गोचर करेगा, वर्ष के मध्य में २० जून २०२१ से कुल १२० दिन के लिए बृहस्पति वक्री हो जाएगा, इसी वक्रकाल में १४ सितम्बर २०२१ को बृहस्पति वक्री अवस्था में रहते हुए अपनी पूर्ववत राशि मकर में प्रवेश करेगा, यहाँ से १८ अक्टूबर २०२१ को बृहस्पति मार्गी होकर मकर राशि में भ्रमण करता हुआ २१ नवम्बर २०२१ को कुम्भ राशि में पुनः प्रवेश करेगा |

जब बृहस्पति मकर राशि में भ्रमण करेगा तब उसकी दृष्टि लग्न भाव, तृतीय भाव एवं पञ्चम भाव पर पड़ेगी और जब कुम्भ राशि में भ्रमण करेगा तब उसकी दृष्टि द्वितीय भाव, चतुर्थ भाव एवं षष्ठम भाव पर पड़ेगी |

राहू पुरे वर्ष वृष राशि अर्थात लग्न में गोचर करेगा और केतु वृश्चिक राशि अर्थात सप्तम भाव में गोचर करेगा |            

वृष राशि का सामान्य राशिफल :

यह वर्ष आपके लिये बहुत सारी संभावनाओं को लेकर आयेगा, इस वर्ष बृहस्पति देव की विशेष कृपा आपके व आपके परिवार के ऊपर रहेगी, यह वर्ष मांगलिक कार्यो के लिये अत्यंत ही महत्वपूर्ण साबित होगा, इस वर्ष भाई बहनों के साथ आपसी सम्बन्धों में सामन्जस्य थोड़ा कम रहेगा अत: आपको थोड़ा धैर्य व विवेक के अनुसार रहना होगा, सप्तम भाव में केतु के गोचर के कारण दम्पतियों में थोड़ा बहुत अनबन रहने की सम्भावना है| इस वर्ष यदि आप कोई ऋण लेना चाहते है तो उसकी अदायगी सुनिश्चित अवश्य करें ऋण अदायगी में थोड़ी भी लापरवाही आपके लिए कष्टकारी हो सकता है, शेयर या कमोडिटी बाज़ार में निवेश काफी सोच समझ कर ले किसी भी प्रकार का जोखिम न लें इस वर्ष हानि की सम्भावना है |    

वृष राशि का व्यवसाय :

यह वर्ष आपके व्यावसायिक गतिविधियों के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण सिद्ध होने वाला है, इस वर्ष आपके द्वारा लिए गए व्यावसायिक निर्णय से भविष्य में लाभ मिलने की सम्भावना है, यदि आप नौकरी पेशा हैं तो इस वर्ष आपको सम्मान मीलेगा व आपके द्वारा किये गए कार्यो की सराहना होगी, वर्षान्त में थोड़ा धैर्य से काम लें किसी भी प्रकार के विवाद से बचें विवाद की सम्भावना है | इस वर्ष आपको अपनी वाणी का प्रयोग संयम से करना चाहिए अन्यथा आपको लोगों के किन्चित शत्रुतापूर्ण व्यवहार का सामना करना पड़ सकता है |       

वृष राशि का स्वास्थ्य :

इस वर्ष आपके षष्ठम भाव अर्थात रोग भाव पर शनि की दृष्टि पड़ने के कारण आपको अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना होगा| वात रोगों, स्नायु या पैरों से सम्बंधित रोगों में विशेष ध्यान देना होगा, पहले से चली आ रही बीमारीयों में विशेष देनें की आवश्यकता होगी |योग प्राणायाम करने से स्वास्थ्य में लाभ मिलेगा |    

वृष राशि की शिक्षा :

इस वर्ष विद्यार्थियों को थोड़ी अधिक मेहनत व लगन से पढ़ाई करना होगा, लग्न का राहु आपको आपके लक्ष्य से भटकाने का प्रयास करेगा अत: अनर्गल के बातों में न पड़कर केवल पढाई में ध्यान दें | प्रतियोगी परीक्षाओं में भाग लेने वाले विद्यार्थी अपनी पूरी सामर्थ्य के साथ प्रयास करें क्योंकि शनि देव आपको आपके परिश्रम का फल देने वाले है  और शनि देव परिश्रम से अत्यंत ही प्रसन्न होते है |

 

वृष राशि के लिए उपाय :

इस वर्ष यदि आप समय आपने प्रतिकूल महसूस कर रहे हो तो निम्न उपाय करें जिससे आपको काफी राहत मिलेगी-  

       ·         महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें |

       ·         षड्मुखी रुद्राक्ष धारण करें |

       ·         मछलियों को आटे की गोली खिलाये |

 

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