शनि शान्ति विधि – shani shanti vidhi

shani shanti vidhi जब कुण्डली में शनि नीच का हो, शत्रुक्षेत्री हो, त्रिक भाव में हो, पाप ग्रहों से प्रभावित हो, अकारक हो, शनि किसी भी प्रकार से कष्ट दे रहा हो, गोचर में शनि की साढेसाती या ढैय्या से शनि अशुभ प्रभाव दे रहा हो अथवा शनि की दशा चल रही हो और उसका … Read more